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बाजार का समय

बाजार का समय
शेयर कब खरीदे और कब बेचे और शेयर खरीदने के नियम

25 महत्वपूर्ण स्टॉक मार्किट टर्म्स

इस ब्लॉग में, हम नए निवेशकों के लिए एक प्रारंभिक मार्गदर्शिका (Elementary guide) प्रस्तुत करने जा रहे हैं, जिससे उन्हें शेयर बाजार में उपयोग किए जाने वाले आधारभूत महत्वपूर्ण शब्दों को समझने में सहायता मिल सकेगी।

तो, आइए, प्रारंभ करते हैं:

शेयर बाज़ार क्या है?

शेयर बाजार एक प्रकार का एक्सचेंज है जो व्यापारियों को शेयरों को खरीदने और बेचने के साथ-साथ कंपनियों को नये शेयर जारी करने की अनुमति देता है

एक शेयर कंपनी की इक्विटी का प्रतिनिधित्व करता है| शेयर बाजार मुख्य रूप से दो उद्देश्यों को पूरा करता है।

सबसे पहले कंपनियों को पूंजी प्रदान करना ताकि वे अपने व्यापार के विस्तार के लिए इस फंड का उपयोग कर सकें।

इसका दूसरा उद्देश्य निवेशकों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के लाभ में हिस्सेदारी का अवसर प्रदान करना है।

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शेयर व्यापार की पारिभाषिक शब्दावली का क्या अर्थ है?

शेयर बाजार की पारिभाषिक शब्दावली में उद्योग-विशिष्ट शब्द शामिल होते हैं जो अक्सर उपयोग किए जाते हैं जब हम शेयर बाजार के बारे में पढ़ते हैं या बात करते हैं।

विशेषज्ञ और नए निवेशक अक्सर इन शब्दों का उपयोग रणनीतियों, चार्ट, सूचकांक और शेयर बाजार के अन्य तत्वों के बारे में बात करने के लिए करते हैं।

नीचे शेयर बाजार में अक्सर उपयोग किए जाने वाले आधारभूत शब्दों की एक प्रारंभिक मार्गदर्शिका दी गई है:

1. खरीदना – इसका अर्थ है कि शेयरों को खरीदना या किसी कंपनी में स्थान प्राप्त करना।

2. बेचना – शेयरों से छुटकारा पाना क्योंकि आपने अपना लक्ष्य प्राप्त कर लिया है या आप हानि को कम करना चाहते हैं।(घाटे में कटौती करना चाहते हैं।)

3. आस्क – इसका अर्थ है कि जो लोग अपने शेयरों को बेचना चाहते हैं वे अपने शेयरों के लिए कितना मूल्य प्राप्त करना चाहते हैं।

4. बिड – बिड वह है, जो आप एक शेयर को खरीदने के लिए भुगतान करने के लिए तैयार हैं।

5. आस्क-बिड स्प्रेड- स्प्रेड यह अंतर है कि लोग क्या खर्च करना चाहते हैं और लोग क्या प्राप्त करना चाहते हैं

6. बुल – एक बुल मार्केट, एक बाजार स्थिति है जहां निवेशक मूल्यों के बढ़ने की उम्मीद करते हैं।

7. बेयर – एक बेयर बाजार, एक बाजार स्थिति है जहां निवेशक मूल्यों में गिरावट की उम्मीद करते हैं।

8. लिमिट ऑर्डर – एक लिमिट ऑर्डर एक प्रकार का ऑर्डर है, जो खरीदने या बेचने के लिए तय किए गए मूल्य पर निष्पादित होता है।

9. मार्केट ऑर्डर – एक मार्केट ऑर्डर एक प्रकार का ऑर्डर है जो बाजार मूल्य पर जल्द से जल्द निष्पादित करता है।

10. डे ऑर्डर – एक डे ऑर्डर एक ब्रोकर के लिए दिशा-निर्देश है कि एक ट्रेड को उस विशिष्ट मूल्य पर निष्पादित करे जो कि ट्रेडिंग दिवस के अंत में समाप्त होता है, यदि यह जटिल नहीं है।

11. वोलाटिलिटी – इसका अर्थ है कि एक शेयर कितनी तेजी से उठता या गिरता है।

12. गोइंग लॉन्ग – शेयरों के मूल्य पर सट्टेबाजी बढ़ेगी जिससे आप कम खरीद सकते हैं और अधिक बेच सकते हैं।

13. एवरेजिंग डाउन – यह तब होता है जब एक निवेशक किसी गिरते हुए शेयर को खरीदता है, जिससे कि खरीदे गए मूल्य को बढ़ाया जा सके।

14. पूंजीकरण – यह बाजार के अनुसार कंपनी का मूल्य होता है|

15. फ्लोट – यह उन शेयरों की संख्या है जिनका इनसाइडर के पास रखे शेयरों को हटाने के बाद, ठीक-ठीक व्यापार किया जा सकता है।

16. अधिकृत शेयर – यह उन शेयरों की कुल संख्या है, जिनका एक कंपनी व्यापार कर सकती है।

17. आईपीओ – ​​यह एक प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव है जो तब होता है जब एक निजी कंपनी सार्वजनिक रूप से व्यापार करने वाली कंपनी बन जाती है।

18. द्वितीयक प्रस्ताव – यह अधिक शेयरों को बेचने और जनता से अधिक धन जुटाने के लिए एक अन्य प्रस्ताव है।

19. लाभांश – कंपनी की आय का एक भाग जो शेयरधारकों को भुगतान किया जाता है।

20. ब्रोकर – एक ब्रोकर वह व्यक्ति होता है जो आपकी ओर से शेयरों खरीदता या बेचता है।

21. एक्सचेंज – एक एक्सचेंज वह स्थान है जहां विभिन्न प्रकार के निवेश किए जाते हैं।

22. पोर्टफोलियो – आपके द्वारा किए गए निवेशों का एक संग्रह।

23. मार्जिन – मार्जिन खाता किसी व्यक्ति को शेयर खरीदने के लिए ब्रोकर से धन उधार लेने देता है।

24. सेक्टर – एक ही सेक्टर में शेयरों का समूह।

25. स्टॉक सिंबल – यह एक से तीन अक्षरों तक का एक प्रतीक होता है, जो एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनी को प्रदर्शित करता है।

शेयर बाजार की उपरोक्त पारिभाषिक शब्दावली के बारे में जानने से आप एक बेहतर व्यापारी बन जाएंगे।

प्रतिभूतियों के व्यापार की जटिलताओं को समझने के लिए समय के साथ-साथ समर्पण भी चाहिए होता है, लेकिन जब इसे आप करते हैं, तो शेयर व्यापार की पारिभाषिक शब्दावली आपकी दैनिक शब्दावली का एक हिस्सा बन जाएगी।

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बाजार खुलने का समय बढ़ेगा, वीकेंड कर्फ्यू की घट सकती है अवधि, आज जारी होगी गाइडलाइन

राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण में गिरावट को देखते हुए बाजार खुलने का समय बढ़ाने और वीकेंड कर्फ्यू की अवधि घटाने की तैयारी कर ली है। अब दोपहर 12 बजे बाद से अगली सुबह 5 बजे तक लागू कर्फ्यू में राहत देकर नाइट कर्फ्यू की व्यवस्था शुरू की जा सकती है।

Updated: June 07, 2021 10:47:20 am

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जयपुर। राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण में गिरावट को देखते हुए बाजार खुलने का समय बढ़ाने और वीकेंड कर्फ्यू की अवधि घटाने की तैयारी कर ली है। अब दोपहर 12 बजे बाद से अगली सुबह 5 बजे तक लागू कर्फ्यू में राहत देकर नाइट कर्फ्यू की व्यवस्था शुरू की जा सकती है। शाम 7 से अगली सुबह 5 बजे तक का कर्फ्यू लागू हो सकता है।

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने त्रिस्तरीय जन अनुशासन मॉडिफाइड लॉकडाउन-2 के तहत मंगलवार से छूट बढ़ाने के संबंध में मंत्रियों के सुझाव जानने के लिए रविवार रात मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई। गहलोत ने इन सुझावों के आधार पर गृह विभाग को दिशा-निर्देश तैयार करने के निर्देश दिए, जिन्हें सोमवार को जारी किया जाएगा। बैठक में चर्चा की गई कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। कई देशों में अनलॉक के बाद संक्रमण बढ़ा है और वहां तीसरी लहर आने की आशंकाएं जताई जा रही हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों की भी सलाह है कि लॉकडाउन के प्रतिबंधों में छूट एकसाथ देने के बजाय संक्रमण संबंधी आशंकाओं को ध्यान में रखकर निर्णय करना चाहिए।

अधिकतर मंत्री बाजार खोलने की अवधि बढ़ाने के पक्ष में
बैठक में अधिकतर मंत्रियों ने कहा कि लॉकडाउन से कोरोना संक्रमण तेजी से घटा है। अब लोगों की आजीविका पर आए संकट के मद्देनजर छूट बढ़ाई जा सकती है। लगभग सभी मंत्रियों ने बाजार शाम 4 बजे तक खोलने की पैरवी की।

वीकेंड कर्फ्यू में यह मिल सकती है राहत
सूत्रों ने बताया कि कुछ मंत्रियों ने वीकेंड कर्फ्यू में भी रियायत देने की मांग की। फिलहाल प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 12 से मंगलवार प्रात: 5 बजे तक जन अनुशासन वीकेंड कर्फ्यू लागू है। इसकी अवधि घटाकर शुक्रवार शाम 7 से सोमवार सुबह 5 बजे तक की जा सकती है।

आठ जून से मिल सकती हैं ये रियायतें
- बाजार: राज्य सरकार बाजारों को सुबह 11 के बजाय शाम 4 बजे तक खोलने की छूट दे सकती है। फिलहाल दवा, किराणा और डेयरी की दुकानों को शाम 5 से 7 बजे तक और खोला जा रहा है।
- सरकारी-निजी दफ्तर: सरकारी व निजी दफ्तर 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ शाम तक खोल सकेंगे। वर्तमान लागू गाइडलाइन में निजी दफ्तरों को दोपहर 2 बजे तक ही खोलने की इजाजत है।
- निजी वाहन: सुबह 5 से दोपहर 4 बजे तक राज्य में कहीं भी आने-जाने की छूट और सार्वजनिक परिवहन बाजार का समय के वाहनों को 10 जून को अलग से आदेश जारी कर कुछ शर्तों के साथ शुरू किया जा सकता है।

इन पर जारी रह सकती हैं पाबंदियां
- सरकार इस महीने शादी समारोहों, किसी भी तरह के सामूहिक भोज आयोजन, बड़े-छोटे धार्मिक स्थल खोलने की छूट नहीं देगी।
- एसी मॉल्स, मल्टीप्लैक्स, सिनेमा, स्वीमिंग पूल, जिम, मनोरंजन पार्क, हाट बाजार, सार्वजनिक उद्यान, थिएटर, खेल मैदान, पिकनिक स्पॉट, मेलों पर रोक जारी रहेगी।

ब्लैक फंगस, टीकाकरण पर भी चर्चा
- ब्लैक फंगस की दवा की कम आपूर्ति की समस्या दूर करने के लिए राज्य सरकार विभिन्न कम्पनियों से सम्पर्क करेगी।
- मंत्रियों ने प्रभार वाले जिलों में दौरों का फीडबैक दिया। संक्रमण व टीकाकरण की स्थिति, लॉकडाउन से संक्रमण में आई गिरावट, ऑक्सीजन की उपलब्धता व प्लांट स्थापना की प्रगति, सीएचसी एवं पीएचसी स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं संबंधी जानकारी दी।
- राज्य में वैक्सीन डोज की वेस्टेज लगभग 2 प्रतिशत है, जो वैक्सीन वेस्टेज की राष्ट्रीय औसत 6 प्रतिशत एवं केंद्र की अनुमत सीमा 10 प्रतिशत से काफी कम है।
- मंत्रिपरिषद ने युवाओं के लिए वैक्सीन की उचित आपूर्ति नहीं होने पर चिंता जताई और कहा कि वैक्सीनेशन के बिना संक्रमण की चुनौती से निपटना आसान नहीं होगा।

शेयर कब खरीदे और कब बेचे, शेयर खरीदने के नियम, Buy/Sell Time

आज हम इस पोस्ट में जानेंगे के शेयर कैसे खरीदते है और शेयर खरीदने के नियम इसके साथ ही हम यह भी जानेंगे की शेयर खरीदने का तरीका क्या होता है एवं शेयर बेचने का तरीका क्या होता है. शेयर को अच्छी तरह से खरीदने और बेचने के लिए हमे क्या क्या करना चाहिए और शेयर को खरीदने का साही समय क्या है चलिए जानते है शेयर कब खरीदे और कब बेचे.

शेयर कब खरीदे और कब बेचे और शेयर खरीदने के नियम

शेयर कब खरीदे और कब बेचे और शेयर खरीदने के नियम

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शेयर खरीदने का तरीका

शेयर खरीदने के लिए आपके पास सबसे पहले एक डीमैट अकाउंट होना चाहिए. अगर आपके पास में एक डीमैट अकाउंट नहीं है तो आप शेयर नहीं खरीद सकते. अगर आप नहीं जानते है कि demat account क्या होता है तो इसके लिए आप हमारी नीचे दी गई पोस्ट को पढ़े.

अगर आप demat account के बारे में जान गए है और आप अकाउंट खुलवाने के लिए प्रोसेस कर चुके हैं तो अब बारी आती है शेयर खरीदने और बेचने का तरीका जानने की.

शेयर कब खरीदे और कब बेचे

आप जिस Finance Company या bank से अपना डीमेट अकाउंट खुलबातें हैं वह आपको शेयर मार्केट के टर्मिनल पर शेयर को खरीदने और बेचने का एक सॉफ्टवेयर प्रोवाइड करते है जो की एक website या mobile app हो सकती है.

बस अब आपको उसमें जाना है और अपने डिमैट अकाउंट में पड़े पैसों की मदद से आप जिस भी कंपनी के शेयर को खरीदना चाहते हैं वह खरीद सकते हैं

जब आप terminal पर जाते हैं तो आपके पास सॉफ्टवेयर में ऑप्शन आता है. जहां पर आप किसी भी कंपनी के शेयर को सर्च कर सकते हैं. जैसे ही आप उस Share की Companyकंपनी पर जाते है तो आप उसी शेयर पर होने वाले शेयर के भाव में उतार और चढ़ाव को भी देख सकते हैं.

अगर आपने शेयर खरीदने का मन बना लिया है तो आप terminal पर शेयर को Buy करने का order लगा सकते है. जैसे ही शेयर मार्केट में आपके Buy order से किसी का sell order मैच होगा वैसे ही आपके पास आपके द्वारा buy किये गए शेयर आ जायेंगे और आपके अकाउंट में से पैसे कट जाएंगे.

शेयर खरीदने का समय

रोजाना शेयर बाजार का समय मार्केट सुबह 9:15 AM पर खुलता है और 3:30 PM पर बंद होता है. अगर आप शेयर मार्केट के अंदर शेयर को खरीदना और बेचना चाहते है. तो आपको इसी समय के बीच में खरीदी और बेचने का काम करना होगा.

शेयर मार्केट में शेयर खरीदने और बेचने का एक निर्धारित समय होता है अगर आप शेयर मार्केट से शेयर को खरीदना या बेचना चाहते हैं तो आपको इस निर्धारित समय के बीच में ही सारे ट्रांजैक्शन करने होंगे अगर आप निर्धारित समय के बीच में ट्रांजैक्शन नहीं करते तो आपके ट्रांजैक्शन सक्सेसफुल नहीं होंगे

शेयर कैसे खरीदते है

Time needed: 7 minutes.

शेयर खरीदने के लिए आपको सबसे पहले यह तय करना होगा कि आप किस कंपनी के शेयर खरीदना चाहते हैं एक बार आपने यह तय कर लिया तो आपको शेयर खरीदने में बड़ी आसानी होगी. आप नीचे दी गई steps को follow करके शेयर खरीद सकते है.

शेयर कब खरीदे और कब बेचे और शेयर खरीदने के नियम

सबसे पहले अपने डिमैट अकाउंट को ओपन कर के टर्मिनल पर जाएं

अब आप जिस कंपनी के शेयर को खरीदना चाहते हैं उसका नाम लिखकर सर्च करें

जैसे ही आपको कंपनी का नाम मिल जाए तो उसको select करें

अब आप शेयर खरीदने से पहले उस company के शेयर की कीमत में हुए उतार-चढ़ाव देख ले इससे आपको पता चलेगा कि शेयर बाजार में इस शेयर की कीमत कितने रुपए ज्यादा हुई और कितने रुपए कम हुई.

इससे आप को सबसे बड़ा फायदा यह मिलगा कि अगर आप यह जान जाते है कि शेयर की कम से कम कीमत कितनी जा रही है तो आप उस कीमत पर Buy Order लगा कर छोड़ सकते हैं

इससे यह होगा की जैसे ही शेयर की कीमत उतनी गिरेगी वैसे ही आपका buy order successful हो जाएगा और आपके पास उस कीमत में शेयर आ जाएंगे

आप एक sell order लगा सकते हैं. जिसमें आप उस कीमत को सेट कर सकते हैं जिस कीमत को आप पहले देख चुके है. जैसे ही आपके शेयर की कीमत बढ़ेगी आपके शेयर sell हो जायेंगे और आपको प्रॉफिट मिल जायेगा

शेयर मार्किट चार्ट कैसे समझे

शेयर खरीदने से पहले आपको शेयर की History देखना है क्योंकि अगर आप शेयर की हिस्ट्री नहीं देखेंगे तो आपको यह कभी पता नहीं चलेगा कि आप उस शेयर को खरीद कर या बेच कर अपना मुनाफा कमा सकते है या नहीं.

एक बार अगर आपको शेयर की कीमत के बारे में पता चल जाता है तो आप उस शेयर को कम से कम कीमत में खरीदकर ज्यादा से ज्यादा कीमत में बैच सकते हैं.

Share Kharidne Ka Sahi Samay

शेयर खरीदने का सही समय 2:15 PM पर होता है इस समय शेयर की कीमत में उछाल भी आ चुका होता है और शेयर की कीमत गिर भी चुकी होती है. इस समय तक शेयर एक स्थिर कीमत पर आ जाता है.

जिससे आपको बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव की जानकारी मिल जाती है और आप यह अंदाजा लगा सकते हैं कि शेयर को कितने भाव में खरीदना चाहिए और कितने भाव में बेचना चाहिए.

Share Kharidne Ke Fayde

शेयर खरीदने के बहुत फायदे हैं एक बार आप किसी कंपनी के शेयर को खरीद कर रख लेते हैं तो उस कंपनी के शेयर को आप चौगुनी और हजार गुना दाम में बैच सकते हैं.

बशर्ते आप ने कंपनी के शेयर को कम कीमत में खरीदा हो क्योंकि अगर आपने उस कंपनी के शेयर को ज्यादा कीमत में खरीदा और भविष्य में उस कंपनी के शेयर की कीमत और भी ज्यादा कम हो गई तब आपको ऐसी स्थिति में नुकसान उठाना पड़ सकता है.

इसलिए हमेशा किसी भी शेयर को खरीदने से पहले उसकी हिस्ट्री को जांच लें और यह पता लगा लेंगे उस शेयर की कीमत कितनी हमेशा रहती है और उसकी कितनी कम कीमत जाती है

किस कंपनी के शेयर खरीदे

कौन सा शेयर खरीदने लायक है यह बता पाना थोडा मुश्किल है क्योंकि हर रोज बदलती कीमत के कारण हर एक शेयर आपको खरीदने लायक लगेगा और उसकी कीमत बढ़ जाने पर आपको वह शेयर एक नुकसान का सौदा साबित बाजार का समय लगेगा. इसलिए यह आप पर निर्भर करता है कि आप उस से कितना प्रॉफिट कमाना चाहते हैं.

क्योंकि अगर आपने एक बार यह तय कर लिया कि आप कितना प्रॉफिट कमाना चाहते हैं तो आप उसी प्रॉफिट की कैलकुलेशन के आधार पर किसी भी शेयर को चुन सकते हैं जो शहर आपके प्रॉफिट की कैलकुलेशन पर खरा साबित होता है. तो उसे आप खरीद सकते हैं और फिर बाद में बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं.

फिर भी अगर आप जानना चाहते हैं कि खरीदने लायक कौन से शेयर हैं तो आपको हम यही सलाह देना चाहेंगे कि आप Bank Nifty या फिर Sensex में इन्वेस्ट करें.

इससे आपका पोर्टफोलियो बढ़ेगा और आप अगर कंपनी के लिए नहीं जाएंगे तो आपको घाटा कम होगा. आप को बैंक निफ़्टी या सेंसेक्स खरीदने पर इतना ज्यादा रिसर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आप बड़ी ही आसानी से बैठे-बैठे मुनाफा कमा पाएंगे.

शेयर खरीदने के नियम

शेयर खरीदने के कुछ नियम है अगर आप उनका पालन करते है तो आप बड़ी ही आसानी से शेयर खरीद पाएंगे लेकिन अगर आप शेयर खरीदने के नियम नहीं follow करते तो आपको इसमें नुकसान उठाना पढ़ सकता है . शेयर खरीदने के नियम जानने के लिए आप हमारी नीचे दी गई पोस्ट को पढ़ सकते है .

Share market: जानें शेयर मार्केट में लाभ-हानि के लिए कौन–सा ग्रह है जिम्मेदार और शेयर मार्केट में लाभ के लिए अपमाएं ये उपाय

शेयर मार्केट

शेयर मार्केट एक ऐसा बाजार है जहां पल भर में कोई राजा तो कोई रंक बन सकता है। एक तरफ इस मार्केट में पैसा लगाने से लोगों की किस्मत चमकती है वहीं दूसरी तरफ पैसा डूब भी जाता है। इसीलिए शेयर मार्केट में पैसा लगाने से पहले सावधानी रखनी बेहद जरूरी होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जो भी जातक शेयर मार्केट में पैसा लगाना चाहता है उसे अपने कुंडली को एक बार जरूर करना चाहिए। कहीं ग्रह दशा के कारण वह इस बाजार में अपना पैसा हार ना जाए। चलिए जानते हैं कि ज्योतिष शास्त्र में शेयर मार्केट के लिए उपाय-

ज्योतिष में शेयर मार्केट का महत्व (Jyotish aur Share Market)

शेयर मार्केट एक बहुत बड़ा बाजर है, जिसमें करोड़ों लोग अपनी किस्मत आजमाते हैं। जहां एक तरफ कुछ लोगों का भाग्य उनका साथ देता है वहीं दूसरी तरफ भाग्य की कमी के कारण कुछ लोगों को शेयर मार्केट में नुकसान का सामना करना पड़ता है। यह बाजार किसी लॉटरी से कम नहीं होता। लेकिन इसमें जातक के भाग्य का भी काफी महत्व होता है।

आपको बता दें कि राहु और चंद्रमा का बुरा प्रभाव शेयर मार्केट में व्यक्ति का पैसा डूबा करता है। गुरु और बुध का सकारात्मक प्रभाव से जातक को काफी मुनाफा होता है। इसीलिए ज्योतिष शास्त्र अनुसार शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने से पहले उसके नियम आदि जानना बेहद जरूरी है। आपको बता दें कि बहुत से लोग शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने से पहले ज्योतिष की सलाह लेते हैं ताकि उन्हें लाभ हो सकें।

शेयर मार्केट और ग्रह दशा

  • आपको बता दें कि व्यक्ति की कुंडली में पांचवें, आठवें और 11 भाव में अचानक धन लाभ के योग बनते हैं।
  • इसी के साथ अगर किसी व्यक्ति कि कुंड़ली में यह भाव मजबूत मौजूद रहे है, तो शेयर मार्केट में आने वाला उछाल जातक लिए काफी लाभदायक साबित होता है।
  • जातक की कुंडली में पांचवा भाव मजबूत होना चाहिए। और शेयर बाजार लाभ पाने के लिए इस भाव का मजबूत होना बेहद जरूरी है। इस भाव में ऐसे ग्रह की शुभ नजर होनी चाहिए जो शेयर मार्केट का कारक माने जाते हैं।
  • आपको बता दें कि राहु और चंद्रमा से शेयर बाजार के लाभ और हानि निर्धारित होने के योग बनते हैं।
  • साथ ही बुध और बृहस्पति ग्रह का प्रभाव शेयर बाजार पर देखने को मिलता है।
  • ऐसा माना जाता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति और बुध की दशा अच्छी होती है वह व्यक्ति शेयर मार्केट से खूब पैसा कमाता है।
  • आपको बता दें कि राहु को वैसे तो छाया ग्रह कहा जाता है और पापी ग्रह के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन जातक की कुंडली में राहु की स्थिति मजबूत होती है, तो यह शेयर मार्केट में जातक को अधिक लाभ देता है।

जानें कौन सा ग्रह शेयर मार्केट से संबंध रखता है

सूर्य ग्रह

सूर्य ग्रह राजकोष, म्युचुअल फंड, लकड़ी और औषधि बाजार से संबंधित रखता है।

चंद्रमा ग्रह

आपको बता दें कि चंद्रमा ग्रह का शीशा, दूध वाली वस्तु से संबंधित रखता है और अगर चंद्रमा की स्थिति सही होती, तो जातक को इन व्यापार में लाभ होता है।

मंगल ग्रह

मंगल ग्रह चाय, खनिज पदार्थ, भूमि, भवन, कॉफी आदि बाजार से जुड़ा है। अगर जातक की कुंडली में मंगल की दशा अच्छी होती है, तो जातक को इस बाजार में काफी लाभ होता है।

बुध ग्रह

यह आयात निर्यात, बैंकिंग, सहकारिता से संबंधित रखता है।

बृहस्पति ग्रह

यह ग्रह पीले, अनाज, आर्थिक क्षेत्र, सोना, पीतल आदि से जुड़ा हुआ है।

शुक्र ग्रह

आपको बता दें कि शुक्र ग्रह चीनी, चावल, सौंदर्य प्रसाधन, फिल्म इंडस्ट्री और केमिकल क्षेत्र से जुड़ा है।

शनि ग्रह

काली वस्तुएं, फैक्ट्री, इंडस्ट्री, लोहा, पेट्रोलियम आदि से जुड़ा है।

राहु और केतु ग्रह

आपको बता दें कि यह ग्रह बाजार के उतार-चढ़ाव, विदेशी वस्तुओं तथा इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र से जुड़े हैं।

इन ग्रहों के सहयोग से बनते हैं शेयर मार्केट में लाभ और हानि के योग (Share market me labh aur hani ke yog)

  • यदि कुंडली में पंचम भाव और इसका स्वामी मजबूत होता है, तो शेयर मार्केट में जातक को खूब सफलता मिलती है।
  • इसी के साथ अगर राहु अनुकूल दशा में होता है, तो व्यक्ति को शेयर मार्केट में बड़ी सफलता मिलती है।
  • वही बृहस्पति के अनुकूल होने पर व्यक्ति को कॉमेडीटी के बाजार में लाभ होता है।
  • आपको बता दें कि बुध के अनुकूल होने पर व्यक्ति शेयर संबंधित अच्छी सलाह देता है। साथ ही शेयर बाजार का अच्छा व्यवसाय भी करता है। लेकिन कुछ शेयर बाजार में बहुत सफल नहीं होता।
  • यदि कुंडली में सूर्य राहु चंद्र राहु या गुरु राहु का योग बनता है, तो शेयर बाजार से दूर ही रहना चाहिए। यह जातक के लिए सहयोग नहीं है।
  • इसी के साथ अगर धन भाव में राहु होता है, तो शेयर बाजार में जाने पर व्यक्ति आर्थिक रूप से निराशा का सामना करता है। और उसे बर्बादी का सामना भी करना पड़ता है।
  • आपको बता दें राहु केंद्र स्थान में मौजूद हो, तो एक समय व्यक्ति शेयर बाजार में बड़ी सफलता पाता है। लेकिन उसके बाद वह दरिद्र हो जाता है।

ज्योतिष अनुसार शेयर मार्केट के लिए उपाय (Share market me labh ke jyotish upay)

राहु यंत्र

आपको बता दें कि राहू जातक के लिए शुभ और अशुभ प्रभाव दोनों लेकर आता है। साथ ही राहु यंत्र ताबीज में स्वयं राहु ग्रह का वास होता है। इसे सदा अपने पास रखने से जातक को हर मुश्किल विपत्ति से बचाता है और उसे धन का भी लाभ होता है।

गाय को हरा चारा खिलाना

अगर आप अधिक पैसा कमाना चाहते है, तो आप को गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए। इससे आपको काफी लाभ होगा।

बकरियों का दान

अगर आप शेयर मार्केट में जीत हासिल करना चाहते हैं, तो आपको बकरियों का दान करना चाहिए।

बुधवार का उपाय

आपको बुधवार के दिन जरूरतमंद लोगों को हरी वस्तुओं का दान करना चाहिए। इससे आपको काफी लाभ होगा।

जानवर और पक्षी को खाना खिलाना

आपको जानवर और पक्षी को खाना खिलाना चाहिए। पक्षी के लिए एक बर्तन में पानी रखना चाहिए। इससे आपको काफी लाभ होता है।

तांबे की चीजें

तांबे की कोई चीज पहनने से आपको काफी लाभ होता है और इससे धन लाभ होता है।

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